Dhananjay Singh

Dhananjay Singh

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उनकोटि : एक अप्रतिम स्थल
unakoti

उनकोटि : एक अप्रतिम स्थल

उनकोटि का अर्थ है कोटि या करोड़ से एक कम,त्रिपुरा में इसी नाम से एक जिला है।राजधानी अगरतला से 178 किलोमीटर दूर इस जिले के कैलाशहर सबडिवीजन में कम से कम सातवीं-नौवीं सदी का एक शैव तीर्थ अपने आप में अनोखा है,जनश्रुति है कि यहाँ पहाड़ियों में एक करोड़ से एक कम मूर्तियाँ उकेरी गई हैं।

सूर्य पहाड़

सूर्य पहाड़

विविधताओं से भरे हुए भारत में अभी भी अनेक धार्मिक एवं पुरातत्व महत्व के स्थल ऐसे हैं जिनके बारे में बाहर की दुनिया को कम पता है,यहाँ बाहर से अर्थ देश से बाहर नहीं वरन उस स्थान,जिले या प्रदेश से बाहर,अपने ही देश से है.यहाँ तक की इस इंटरनेट युग में भी हम अपनी ही अधिकांश धरोहरों से अपरिचित हैं.

कश्मीर के पख्तून
Kashmir

कश्मीर के पख्तून

वैसे तो असम,बंगाल से लगायत मध्यप्रदेश और देश के तमाम हिस्सों में कुछ पठान आबादी है ही एवं कश्मीर मेंभी बहुतेरे लोगों को पठान मूल का ही माना जाता है परन्तु राजधानी श्रीनगर से लगभग बीस किलोमीटर की दूरीपर गंदरबल में गुटलीबाग़ गाँव के आसपास का इलाका कश्मीर में पश्तो भाषी पख्तूनों का मुख्य केंद्र

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली : एक गुमनाम नायक

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली : एक गुमनाम नायक

सीमान्त प्रांत में खान अब्दुल गफ्फार खान के नेतृत्व में पख्तूनों का ब्रिटिश राज के विरुद्ध शांतिपूर्ण असहयोगआन्दोलन चल रहा था जिसके खिलाफ अंग्रेज अफसरों ने गढ़वालियों की बटालियन को मुस्तैद किया क्योंकि भाषाई

परीस्तान के काफ़िर — कलश
परीस्तान

परीस्तान के काफ़िर — कलश

कभी कलश घाटी का विस्तार अफगानिस्तान के नूरिस्तान से लगायत कश्मीर घाटी के नजदीक तक था जिसे लोग अलौकिक शक्तियों से परिपूर्ण परियों वाला देश परीस्तान कहते थे जो बाद में काफिरस्तान बोला जाने लगा। एक समय ऐसा था की इस इलाके में कलशों का शासन भी था

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